LAW MOCK TEST KA ADDA

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24 May
2019

झारखण्ड न्यायिक सेवा परीक्षा 2019 हेतु महत्वपुर्ण प्रश्नों का लीगल बज्ज मॉक टेस्ट 26

LEGAL BUZZ QUIZ 1▶📋 IPC 1860‘ क ’ ने अपने ट्रेक्टर को राजमार्ग पर चला कर ‘ ख ’ की गाय की टाँग को तोड़ते हुए उसे स्थायी रूप से विकलांग बना दिया व उसके बछड़े का वध कर दिया । ‘ क ’ ने निम्नलिखित में से भारतीय दण्ड संहिता के अन्तर्गत दण्डनीय कौनसा […]

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18 May
2019

▶ CPC 1908 कमीशन धारा 75 से 78 (आदेश 26 )

धारा 75 के अनुसार निम्नलिखित मामलों में कमीशन निकाला जा सकता है( 1 ) किसी व्यक्ति या साक्षी की परीक्षा के लिए ( 2 ) स्थानीय अन्वेषण के लिए ( 3 ) लेखाओं की परीक्षा तथा उनका समायोजन करने के लिए( 4 ) विभाजन कराने के लिए कमीशन( 5 ) कोई वैज्ञानिक, तकनीकी या विशेषज्ञ […]

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16 May
2019

भारतीय साक्ष्य अधिनियम 1872 के महत्वपुर्ण प्रश्नों का लिगल बज्ज मॉक टेस्ट 25

LEGAL BUZZ QUIZ 1▶📋 EVIDENCE ACT 1872भारतीय साक्ष्य अधिनियम की कौनसी धारा यह उपबंध करती है कि साक्ष्य के अनुचित ग्रहण या अग्रहण के आधार पर कोई नवीन विचारण नहीं होगा-A. धारा 166B. धारा 165C. धारा 167 ☑D. धारा 161👉 धारा 167 साक्ष्य के अनुचित ग्रहण या अग्रहण के लिए नवीन विचारण नहीं होगा –साक्ष्य […]

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15 May
2019

▶Evidence Act 1872 न्यायालयों के निर्णय कब सुसंगत हैं ? (धारा 40 – 44 )

साधारण नियम – वे संव्यवहार जो विवादित तथ्यों से सम्बन्धित नही होते है , सुसंगति के साधारण नियमों के अंतर्गत ग्राह्य नही होते है ।👉 लेकिन न्यायालय के निर्णय इसके अपवाद है अर्थात न्यायालयों के निर्णय सुसंगत होते है ।जैसे – धारा 40 के अंतर्गत ऐसे निर्णय तब सुसंगत होते है जब वे दूसरे वाद […]

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14 May
2019

झारखण्ड न्यायिक सेवा परीक्षा 2019 हेतु साक्ष्य अधिनियम 1872 के महत्वपुर्ण प्रश्नों का लीगल बज्ज मॉक टेस्ट 24

LEGAL BUZZ QUIZ 1▶️📋 EVIDENCE ACT 1872 कश्मीरा सिंह बनाम मध्य प्रदेश राज्य का वाद सम्बन्धित है- A.मृत्युकालिक कथन से B.विशेषाधिकार प्राप्त संसूचना से C.पुलिस अधिकारी से की गई संस्वीकृति से D. सह-अभियुक्त की संस्वीकृति से ☑️ 👉 धारा 30 सह – अभियुक्त की संस्वीकृति – धारा 30 में निम्न स्पष्ट किया गया है । […]

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TP 1882 ‘वि​क्रय’ (बिक्री) पद संपति अंतरण अधिनियम,1882 की धारा 54 में परिभाषित किया गया हैं ।

CRPC 1973 सहायक सेशन न्यायाधिस मृत्युदण्ड,आजीवन कारावास या दस वर्ष से अधिक की सजा को छोडकर विधि द्वारा अधिकृत कोई भी दण्ड दे सकता हैं ।

EVIDENCE ACT 1872 पक्षद्रोही साक्षी—जब गवाह बुलाने पक्ष के खिलाफ गवाही देता हैं तो वह पक्षद्रोही साक्षी कहलाता हैं ।-धारा 154

CRPC 1973 दण्ड प्रक्रिया संहिता की धारा 437 अजमानतीय अपराध से संबंधित है ।

CONTRACT ACT 1872 दो या अधिक व्यक्ति सम्मत हुए तब कहे जाते है जब वे किसी एक बात पर एक ही भाव में सहमत होते है ( इसका लेटिन अर्थ ad idem है ) —धारा 53

CPC 1908 आदेश से अभिप्राय सिविल न्यायालय के निर्णय की ऐसी औपचारिक अभिव्यक्ति से हैं,जो आज्ञप्ति नहीं हैंं ।

CONSTITUTION 44वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1978 द्वारा भारतीय संविधान के अनुच्छेद 19 में आरम्भ में प्रदत्त सात मूल स्वतन्त्रताओं में से एक को घटा कर छः कर दिया गया ।

IPC 1860 आपराधिक दायित्व से उन्मुक्ति के लिए बच्चे की आयु 7 वर्ष से कम होनी चाहिए—धारा 82

EVIDENCE ACT 1872 विबंध का सिद्धान्त साक्ष्य अधिनियम कि धारा 115 में है ।

CONSTITUTION भारत के नियंत्रक महालेखा परीक्षक कि नियुक्ति अनुच्छेद 148 के प्रावधान के अन्र्तगत होती हैं ।

TP 1882 संपति अंतरण अधिनियम 1882 की धारा 127 दुर्भर दान से संबधित है।

CONTRACT ACT 1872 शुन्य संविदा का अर्थ है संविदा जो विधि द्वारा प्रर्वतनीय नहीं हैं—धारा 2(छ)…CONSTITUTION ‘विधि का शासन’ या ‘कोई भी व्यक्ति विधि से ऊपर नही हैं’ निहित हैं ।-अनुच्छेद 14

TP 1882 धारा 5 के अनुसार जीवित व्यक्ति में कम्पनी अथवा निगम अथवा व्यक्तियों का समुह सम्मिलित हैं ।

CONTRACT ACT 1872 ‘एड आइडेम’ से तात्पर्य है समान भाव से सहमति ।

IPC 1860 समान्य आशय का सिद्धान्त लागु होने के लिए कम से कम दो व्यक्ति लिप्त होने चाहिए—धारा 34

TP 1882 विनिमय की परिभाषा संपति अंतरण अधिनियम 1882 की धारा 118 में दी गई हैं ।

CRPC 1973 सत्र न्यायालय के न्यायाधीश का स्थान्तरण उच्च न्यायालय द्वारा किया जाता हैं—धारा 9

EVIDENCE ACT 1872 शिनाख्त (पहचान) परेड धारा 9 हैं ।

CRPC 1973 समन की तामील पुलिस अधिकारी द्वारा,न्यायालय के किसी अधिकारी द्वारा,किसी अन्य प्राधिकृत लोक सेवक द्वारा की जा सकती हैं ।—धारा 62

TP 1882 संपति अंतरण अधिनियम 1882 की धारा 58 में बंधक,बंधककर्ता,बंधकदार,बंधक धन और बंधक विलेख की परिभाषाए उपबंधित की गई हैं ।

IPC 1860 स्वैच्छया से उपहति कारित करने के लिए दण्ड का प्रावधान भारतीय दण्ड संहिता की धारा 323 में हैं ।

EVIDNCE ACT 1872 रेस जेस्टा का सिद्धान्त या एक ही संव्यवहार के भाग या संबधित तथ्य और कार्य का सिद्धान्त धारा 6 में हैं ।

CPC 1908 अनुपूरक कार्यवाहियों को सिविल प्रक्रिया संहिता कि धारा 94 में उपबंधित किया गया हैं

EVIDENCE ACT 1872 वचनात्मक विबंध के सिद्धान्त का मुल संविदा विधि में प्रतिफल के नियम के अपवाद के रुप में पाया जाता हैं ।

IPC 1860 कुटरचित या कूटकृत करेंसी नोट या बैंक नोटों को कब्जे में रखना 498 ग में दण्डनीय हैं ।

CONSTITUTION जीविकापार्जन का अधिकार संविधान के अनुच्छेद 21 के अंर्तगत एक मुल अधिकार हैं ।

CRPC 1973 दण्ड प्रक्रिया संहिता 1973 के अन्र्तगत बलात्कार की पीडिता द्वारा बलात्कार सूचना देने पर महिला पुलिस अधिकारी या कोई महिला अधिकारी लेखबद्ध करेगा । — धारा 154(1)

CRPC 1973 अग्रिम जमानत के बारे में प्रावधान धारा 438 में हैं ।

CONSTITUTION राष्टपति की मृत्यु,त्याग पत्र या पदच्युत से रिक्त स्थानों को अधिकतम 60 दिन के भीतर भरा जाना चाहिए ।

CPC 1908 सिविल प्रक्रिया संहिता 1908 की धारा 3 के अनुसार जिला न्यायालय उच्च न्यायालय के अधीनस्थ हैं और जिला न्यायालय से अवर श्रेणी का हर सिविल न्यायालय और लघुवाद न्यायालय उच्च न्यायालय एवं जिला न्यायालय के अधिनस्थ हैं ।

CPC 1908 दीवानी प्रक्रिया संहिता के अंतर्गत दायर कैवियट 90 दिनों तक प्रभावी रहता हैं ।

IPC 1860 भारतीय दण्ड संहिता में लुट धारा 390 में परिभाषित हैं

CONSTITUTION धन विधेयक केवल लोकसभा सदन में प्रस्तुत किया जाता हैं

CPC 1908 न्यायालय द्वारा पक्षकारों की परीक्षा आदेश 10

CRPC 1973 41 पुलिस वारण्ट के बिना गिरफ्तार कर सकेगी ।

CPC 1908 धारा 74 के अनुसार न्यायालय सथावर संपति के कब्जे के लिए 30 दिन की अवधि के लिए सिविल कारागार में निरुद्ध करने का आदेश दे सकता हैं और संपति का कब्जा दिला सकता हैं ।

CONTRACT ACT 1872 कोई भी करार विधि द्वारा प्रर्वतनीय हो सकता हैं यदि वह धारा 10 में वर्णित शर्तो का पालन करे ।

CPC 1908 व्यवहार प्रक्रिया संहिता,1908 के अंतर्गत डिक्री को धारा 2(2) में परिभाषित किया गया है

CPC 1908 सिविल प्रकिया संहिता 1908 1 जनवरी 1908 को लागु हुई

CPC 1908 वाद पत्र का नामंजुर किया जाना आदेश 7 नियम 11

IPC 1860 भारत सरकार के विरुद्ध युद्ध करना या युद्ध करने का प्रयत्न करना या युद्ध करने का दुष्प्रेरण करना भारतीय दण्ड संहिता कि धारा 121 में दण्डनीय अपराध हैं ।

EVIDENCE ACT 1872 जिस तथ्य की न्यायालय न्यायिक अवेक्षा करेगा उसे साबित करना आवश्यक नहीं है ।—धारा 56

CONSTITUTION धन विधेयक की परिभाषा अनुच्छेद 110 में हैं ।

IPC 1860 भारतीय दण्ड संहिता 1860 की धारा 354 D पीछा करने के अपराध के लिए उपबंधित हैं ।

EVIDENCE ACT 1872 साक्ष्य अधिनियम की धारा 9 के अन्र्तगत अभियुक्त की पहचान स्थापित करने का एक तरीका शिनाख्त परेड है । इसका साक्ष्य धारा 9 के अधीन ग्राह हैं ।

IPC 1860 मानव शरीर पर प्रभाव डालने वाले अपराधो के संबध में भारतीय दण्ड संहिता के चैप्टर 16 में बताया गया हैं ।

संपत्ति अंतरण अधिनियम 1 सितम्बर 1872 से प्रभावशील हुआ ।

EVIDENCE ACT 1872 किसी व्यक्ति की ‘सिविल डेथ’मान ली जाती हैं जब वह 7 वर्ष तक की अवधि तक गायब रहे अथवा उसके बारे में उक्त अवधि में यह नहीं सुना गया की वह जीवित हैं ।—धारा 108

CRPC 1973 दण्ड प्रकिया संहिता 1973 की धारा 125 में एक पत्नि भरण पोषण का अधिकार नहीं रखती हैं,यदि वह जारता में रह रही हैं ।

IPC 1860 एकांत परिरोध की अधिकतम सीमा 3 माह होती हैं ।

CPC 1908 धारा 119 के अनुसार अप्राधिकृत व्यक्ति न्यायालय को संबोधित न कर सकेंगे—इस संहिता के प्रावधानों के अलावा अप्राधिकृत व्यक्ति जो प्लीडर,अटार्नी,अधिवक्ता नही हैं न्यायालय को संबोधित न कर सकेंगे।

IPC 1860 पुर्व दोषसिद्धि के लिए भारतीय दण्ड संहिता की धारा 75 में वर्धित दण्ड का प्रावधान हैं ।

CPC 1908 आदेश 8 नियम 1 के अनुसार प्रतिवादी अपने परिवाद का लिखित कथन 30 दिन की अवधि में दाखिल करेगा ।

IPC 1860 भारतीय दण्ड संहिता का प्रारुप मैकाले ने तैयार किया था ।

CONTRACT ACT 1872 भारतीय संविदा अधिनियम में प्रतिफल की व्याख्या धारा 2(घ) में दी की गई हैं ।

TP 1882 किसी भी लिखत का निष्पादन पहले होता हैं और अनुप्रमाणन बाद में होता हैं ।

EVIDENCE ACT 1872 भारतीय साक्ष्य अधिनियम की धारा 133 सह अपराधी का साक्ष्य के बारे मे प्रावधान करती हैं ।

IPC 1860 भारतीय दण्ड संहिता 1 जनवरी 1862 से लागु हुई ।

CONSTITUTION संविधान के अनुच्छेद 356 के अन्र्तगत राष्ट्रपति शासन किसी राज्य में छ: माह के लिए वैद्य रहता हैं ।

EVIDENCE ACT 1872 न्यायालय के निरक्षण के लिए पेश की गई दस्तावेज—धारा 62

भारतीय न्यायधीश मदन भीमराव लोकुर को फिजी फिजी के सर्वोच्च न्यायालय के नॉन-रेजिडेंट पैनल में तीन वर्ष की अवधि के लिए नियुक्त किया गया है ।

हाल ही में 49 वर्षीय नेपाली शेरपा कामी रीता ने रिकॉर्ड 24वीं बार माउंट एवेरेस्ट की चढ़ाई की ।

भारतीय पहलवान बजरंग पूनिया ने अली अलिएव कुश्ती प्रतियोगिता में पुरुषों के 65 किलोग्राम भारवर्ग में स्वर्ण पदक जीता हैं ।

हाल ही में जलवायु आपातकाल घोषित करने वाला विश्व का दूसरा देश आयरलैंड बना ।

भारत का प्रथम प्राकृतिक आइस कैफ़े जम्मू-कश्मीर राज्य में स्थित है ।

अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद् ने विश्व् कप 2019 के लिए पुरस्कारों की घोषणा कर हैं इस बार विश्व कप 2019 की विजेता टीम को 4 मिलियन डॉलर (लगभग 28 करोड़ रुपये) इनाम स्वरुप प्रदान किए जायेंगे ।

विश्व थैलेसीमिया दिवस 8 मई को मनाया जाता है ।

कर्नाटक उच्च न्यायालय का नया मुख्य न्यायधीश जस्टिस अभय श्रीनिवास ओका को नियुक्त किया गया है ।

गेम चेंजर शाहिद अफरीदी खिलाड़ी की आत्मकथा है ।

आईपीएल 2019 का खिताब मुंबई इंडियन टीम चैनई सुपरकींग्स को मात्र 1 रन से हराकर जीता हैं ।

जीरो पेंडेंसी कोर्ट्स प्रोजेक्ट दिल्ली उच्च न्यायालय से सम्बंधित है ।

समाचार प्रसारण मानक प्राधिकरण (NBSA) का नया चेयरपर्सन सर्वोच्च न्यायालय के पूर्व न्यायधीश जस्टिस ए.के. सिकरी को नियुक्त किया गया है ।

भारत की दिया मिर्ज़ा को संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्य का एडवोकेट नियुक्त किया गया है |

मेड्रिड ओपन टेनिस टूर्नामेंट में महिला एकल वर्ग का खिताब किकी बर्तेंस ने जीता हैं ।

हाल ही में जापान ने विश्व की सबसे तेज़ बुलेट ट्रेन “अल्फ़ा-एक्स” का परीक्षण किया हैं यह ट्रेन 400 किमी की रफतार पकड सकती हैं ।

हाल ही में वायुसेना का उप-प्रमुख एयर मार्शल राकेश कुमार सिंह भदौरिया को नियुक्त किया गया है ।

भारत में आतंकवाद विरोधी दिवस 21 मई को मनाया जाता है ।

हाल ही में कर्नाटक राज्य में ब्रह्मकलाशोत्स्व शुरू हुआ हैं ।

एयर मार्शल राकेश कुमार सिंह भदौरिया को वायुसेना का नया वाईस चीफ नियुक्त किया गया हैं ।

हाल ही में कामनवेल्थ सेक्रेटेरिएट आर्बीट्रल ट्रिब्यूनल में भारतीय न्यायधीश जस्टिस (रिटायर्ड) के.एस.राधाकृष्णन को शामिल किया गया ।

भारतीय नौसेना ने हाल ही में MRSAM मिसाइल (मध्यम दूरी की सतह से हवा में मार कर सकने वाली मिसाइल) का सफल परीक्षण कर दिया हैं ।

भारतीय वॉलीबॉल टीम का नया कोच ड्रैगन मिहाइलोविच को नियुक्त किया गया है ।

राजस्थान के जयपुर में किया जायेगा 8 वीं एशियन यूथ वीमेन हैंडबॉल चैंपियनशिप का आयोजन ।

हाल ही में DRDO ने ड्रोन अभ्यास का परीक्षण किया हैं ।

छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय का नया मुख्य न्यायधीश जस्टिस पी.आर. रामचंद्र मेनन नियुक्त किया गया है ।

कर्नाटक उच्च न्यायालय के नए मुख्य न्यायधीश के रूप में जस्टिस अभय सिंह औका ने शपथ ली ।

हाल ही में अपुर्वी चंदैला भारतीय महिला शूटर ने 10 मीटर एयर राइफल इवेंट में विश्व में पहला स्थान प्राप्त किया ।

हाल ही में सुर्ख़ियों में रही मामलुह गुफा मेघालय राज्य में स्थित है ।

हाल ही में भारतीय पुरुष फुटबॉल टीम का कोच इगोर स्तिमैक नियुक्त किया गया है ।

2019 G-7 शिखर सम्मेलन का आयोजन फ्रांस में किया जायेगा ।

अपूर्वी चंदेला महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल इवेंट में बनीं विश्व की नंबर एक खिलाड़ी ।

भारत में पाकिस्तान का नया उच्चायुक्त मुइनुल हक़ को नियुक्त किया गया है ।

महिला भक्त से बलात्कार के मामलें में सूरत की अदालत ने आसाराम के बेटे नारायण साईं को आजीवन कारावास की सजा सुनवाई
पत्नी को दिया जाने वाला गुजारा भत्ता नहीं है कोई दान या इनाम-दिल्ली हाईकोर्ट इस मामले में महिला ने घरेलू हिंसा से महिला संरक्षण अधिनियम 2005 की धारा 12 के तहत अर्जी दायर की थी।। विकास भुटानी बनाम स्टेट एण्ड ए.एन.आर
रमजान में मतदान का समय जल्दी करने से सुप्रीम कोर्ट ने इनकार किया रमजान महीने के दौरान 19 मई को होने वाले आम चुनाव के अंतिम चरण में मतदान प्रात: 7 बजे की बजाए प्रात: 5 या 6 बजे शुरू करने की मांग वाली याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया है ।
मृत्यु से पुर्व दिए गए बयान इसलिए अमान्य नहीं क्योंकि उन्हें किसी डॉक्टर ने प्रमाणित नहीं किया : सुप्रीम कोर्ट । पुनम बाई बनाम स्टेट आॅफ छत्तीसगढ
आईपीसी की धारा 498A और 306—ऐसी घटना जो पत्नी की मौत से काफ़ी पहले हुई उसे आत्महत्या का कारण नहीं बताया जा सकता—सुप्रीम कोर्ट। जगदीशराज खटटा बनाम स्टेट आॅफ हिमाचल प्रदेश
भीड़-भाड़ वाले इलाके में तेजगति से ड्राईविंग करना, माना जा सकता है लापरवाही से गाड़ी चलाना-बाॅम्बे हाईकोर्ट Popat Bhaginath Kasar, Age­25 years, Occu:Driver, R/o­Walki, Tq­Nagar, Dist­Ahmednagar. …APPLICANT VERSUS State of Maharashtra …RESPONDENT
दया याचिका खारिज होने से पहले ही मौत की सज़ा पाए अभियुक्त को काल कोठरी में रखना है अवैध होगा-सुप्रीम कोर्ट का फैसला। युनियन आॅफ इण्डिया बनाम धर्म पाल
आपसी समझौते से तलाक होने पर मां रखरखाव से संबंधीत बेटी के अधिकारों को नहीं छोड़ सकती हैं : सुप्रीम कोर्ट । गणेश बनाम सुधीर कुमार श्रीवास्तव
आपराधिक मामले की सुनवाई के दौरान निष्कासित कर देने से नहीं बनता है अवमानना का मामला-सुप्रीम कोर्ट
कोर्ट रोज़गार के लिए अर्हता और आवश्यक योग्यता का निर्धारण नहीं कर सकता हैं:सुप्रीम कोर्ट का फैसला । महाराष्ट्र पब्लिक सर्विस कमीशन बनाम संदीप श्रीराम वर्डे
CJI के खिलाफ यौन उत्पीड़न की शिकायत खारिज की गई ,नहीं होगी रिपोर्ट भी सार्वजनिक ।
दोषसिद्धि या अपराध सिद्धि पर रोक लगाने के मामले में लागू होने वाले सिद्धांत के आधार पर सजा पर रोक लगाने की मांग को नहीं किया जा सकता है अब खारिज:SC। न.राममुर्ति बनाम स्टेट सैन्ट्रल ब्योरो आॅफ इनवेस्टिगेशन बंगलुरु
आईपीसी की धारा 498ए के तहत महिला खुद ही दायर करे शिकायत ऐसा आवश्यक नहीं-सुप्रीम कोर्ट।रशमी चौपरा बनाम स्टेट आॅफ उत्तरप्रदेश
कोर्ट के किसी आदेश के उल्लंघन से अगर किसी व्यक्ति को नुक़सान होता है तो वह अवमानना का मामला दायर कर सकता है : सुप्रीम कोर्ट गीरीश मित्तल(पीटिशनर) बनाम पारवती व. सून्दरम(रेशपोडेन्ट)
क्रमिक या लगातार दायर जमानत के आवेदनों को उसी जज के समक्ष रखा जाना चाहिए,जिसने पहले सुनवाई की थी-सुप्रीम कोर्ट। गति लिमिटेड बनाम टी.नागराज प्रेम जी
हैबियस काॅर्पस की रिट तब जारी की जा सकती है जब नाबालिग को ऐसे व्यक्ति ने हिरासत में रखा हो जिसके पास उसकी कानूनी कस्टडी नहीं हों-सुप्रीम कोर्ट का फैसला तेजस्वनी गोड बनाम शेखर जगदीश प्रसाद तिवारी
किसी व्यक्ति को भद्दी गालियाँ देना आपराधिक धमकियों की श्रेणी के अंर्तगत अपराध में नहीं आता हैं:सुप्रीम कोर्ट—विक्रम जौहर बनाम उत्तर प्रदेश राज्य
सीआरपीसी की धारा 362 के तहत किसी अदालती आदेश या फ़ैसले की समीक्षा एवं इसकी वापसी या इसमें बदलाव नहीं किया जा सकता हैं—सुप्रीम कोर्ट का आदेश
बार के लिए आरक्षित पदों में अब सेवारत उम्मीदवारों की जिला न्यायाधीश के तौर पर नियुक्ति नहीं होगी : सुप्रीम कोर्ट । धीरज नोर बनाम हाई कोर्ट आॅफ दिल्ली
धारा 138 NI एक्ट के अंर्तगत शिकायत में देरी माफ की जा सकती है अगर शिकायतकर्ता इसके पर्याप्त कारण बता देता हैं और अदालत द्वारा निर्धारित अवधि के बाद भी संज्ञान लिया जा सकता है।:सुप्रीम कोर्ट। बिरेन्द्र प्रसाद झा बनाम स्टेट आॅफ बिहार
एक बार तलाक होने के बाद घरेलू हिंसा कानून के तहत नहीं मांगी जा सकती है राहत-बाॅम्बे हाईकोर्ट का फैसला श्रीमती। साधना डब्ल्यू / ओ हेमंत वालवाटकर, 42 वर्ष, वृद्ध। आवेदक बनाम हेमंत एस / ओ शालिकरामजी वालवाटकर, 46 वर्ष, वृद्ध। बिजली ठेकेदार,प्रतिवादी

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