6 Jun
2019

जुडिशरी एग्जाम स्कोर बूस्टर CRPC 1973 लीगल बज्ज मॉक टेस्ट 28

जुडिशरी एग्जाम स्कोर बूस्टर CRPC 1973 लीगल बज्ज मॉक टेस्ट 28

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Leaderboard: जुडिशरी एग्जाम स्कोर बूस्टर CRPC 1973 लीगल बज्ज मॉक टेस्ट 28

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LEGAL BUZZ QUIZ 1▶
📋 CRPC 1973
दण्ड प्रक्रिया संहिता , 1973 की निम्न किस धारा में जुर्माना देने में व्यतिक्रम होने पर मजिस्ट्रेट न्यायालय द्वारा कारावास के दण्डादेश की व्यवस्था करती है ?
( अ ) धारा 30 ( 1 ) में ☑
( ब ) धारा 31 में
( स ) धारा 32 में
( द ) धारा 34 में
▶ जुर्माना देने में व्यतिक्रम होने पर कारावास का दण्डादेश ( धारा 30 )-
( 1 ) किसी मजिस्ट्रेट का न्यायालय जुर्माना देने में व्यतिक्रम होने पर इतनी अवधि का कारावास अधिनिर्णीत कर सकता है , जो विधि द्वारा प्राधिकृत है ।
परन्तु वह अवधि – ( क ) धारा 29 के अधीन मजिस्ट्रेट की शक्ति से अधिक नहीं होगी ,
( ख ) जहाँ कारावास मुख्य दण्डादेश के भाग के रूप में अधिनिर्णत किया गया है , वहाँ वह उस कारावास की अवधि की चौथाई से अधिक न होगी , जिसको मजिस्ट्रेट उस अपराध के लिए , न कि जुर्माना देने में व्यतिक्रम होने पर दण्ड के तौर पर , देने के लिए सक्षम है ।
( 2 ) इस धारा के अधीन अधिनिर्णीत कारावास उस मजिस्ट्रेट द्वारा धारा 29 के अधीन अधिनिर्णीत की जा सकने वाली अधिकतम अवधि के कारावास के मुख्य दण्डादेशों के अतिरिक्त हो सकता है ।

LEGAL BUZZ QUIZ 2▶
📋 CRPC 1973
दण्ड प्रक्रिया संहिता की निम्न किस धारा में प्रावधानित किया गया है कि प्रत्येक सुभिन्न अपराध के लिए जिसका किसी व्यक्ति पर अभियोग है , पृथक आरोप होगा और ऐसे प्रत्येक आरोप का विचारण पृथकतः किया जाएगा ?
( अ ) धारा 211
( ब ) धारा 215
( स ) धारा 218 ☑
( द ) धारा 220
▶ धारा 218- (1) प्रत्येक सुभिन्न अपराध के लिए , जिसका किसी व्यक्ति पर अभियोग है , पृथक आरोप होगा और ऐसे प्रत्येक आरोप का विचारण पृथकतः किया जाएगा ,
परन्तु जहाँ अभियुक्त व्यक्ति , लिखित आवेदन द्वारा ऐसा चाहता है और मजिस्ट्रेट की राय है कि उससे ऐसे व्यक्ति पर प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा , वहाँ मजिस्ट्रेट उस व्यक्ति के विरुद्ध विरचित सभी या किन्हीं आरोपों का विचारण एक साथ कर सकता है ।
( 2 ) उपधारा ( 1 ) की कोई बात धारा 219 , 220 , 221 और 223 के उपबन्धों के प्रवर्तन पर प्रभाव नहीं डालेंगी ।

LEGAL BUZZ QUIZ 3▶
📋 CRPC 1973
दण्ड न्यायालय के वर्ग में सम्मिलित नहीं है |
( अ ) उच्च न्यायालय
( ब ) सेशन न्यायालय
( स ) जिला न्यायालय ☑
( द ) कार्यपालक मजिस्ट्रेट
▶ धारा 6-( i ) सेशन न्यायालय , ( ii ) प्रथम वर्ग न्यायिक मजिस्ट्रेट और किसी महानगर क्षेत्र में महानगर मजिस्ट्रेट ( iii ) . द्वितीय वर्ग न्यायकि मजिस्ट्रेट , और ( iv ) कार्यपालक मजिस्ट्रेट ।

LEGAL BUZZ QUIZ 4▶
📋 CRPC 1973
आरोप में निम्नलिखित में से कौन – सी विशिष्टि होना आवश्यक नहीं है ?
( अ ) उस अपराध का विवरण जिसके लिए अभियुक्त को आरोपित किया जा रहा
( ब ) आवश्यक रूप से उसमें अन्तर्विष्ट अपराध की परिभाषा सहित विधि की धारा जिसके विरुद्ध अपराध कथित रूप से कारित किया गया ☑
(स) अभिकथित अपराध के समय तथा स्थान की विशिष्टियाँ
(द) जिस रीति से अपराध कारित किया गया है , उसकी विशिष्टियाँ
▶ धारा 211 आरोप की अन्तर्वस्तु –
प्रत्येक आरोप में अपराध का कथन होगा एवं उस अपराध का सृजन करने वाली विधि एवं उस अपराध का नाम , धारा एवं परिभाषा का वर्णन होगा एवं वह न्यायालय की भाषा में लिखा जाएगा ।

LEGAL BUZZ QUIZ 5▶
📋 CRPC 1973
परिवाद ‘ का सबसे आवश्यक तत्व है
( अ ) गलत कार्य होने का अभिकथन
( ब ) अधिकार के हनन का अभिकथन
( स ) किसी शारीरिक चोट का अभिकथन
( द ) किसी अपराध के कारित होने का अभिकथन , जिस पर कार्यवाही अपेक्षित है ☑
▶ धारा 2(d) परिवाद – ( Complaint ) परिवाद से तात्पर्य ऐसे मौखिक या लिखित दोषारोपण ( अभिकथन ) से है , जो किसी व्यक्ति द्वारा मजिस्ट्रेट के समक्ष कार्यवाही के लिए प्रस्तुत किया जाता है , इस अभिकथन द्वारा मजिस्ट्रेट से यह कहा जाता है कि किसी ज्ञात अथवा अज्ञात व्यक्ति ने कोई अपराध कार्य किया है एवं उसमें आपराधिक घटना के तथ्य सम्मिलित रहते हैं । सामान्यतः पुलिस रिपोर्ट को परिवाद नहीं माना जाता , लेकिन यदि किसी मामले में अन्वेषण के पश्चात् किसी असंज्ञेय अपराध का किया जाना प्रकट होता है तो ऐसी दशा में पुलिस अधिकारी द्वारा दी गई रिपोर्ट ‘ परिवाद ‘ और पुलिस अधिकारी को परिवादी समझा जाएगा ।
नगर पालिका जयपुर बनाम प्रभु नारायण , 1969 के वाद में निणीत किया गया था कि जब अपराध के घटित होने की इत्तिला ( शिकायत ) मजिस्ट्रेट के समक्ष की जाए और यदि अपराध असंज्ञेय स्वरूप का है , तो ऐसी शिकायत ‘ परिवाद ‘ कहलाएगी तथा जो व्यक्ति ऐसी शिकायत करता है , उसे परिवादी कहा जाएगा । दाण्डिक मामले में परिवाद वही है , जो व्यवहार मामले में वाद – पत्र है

LEGAL BUZZ QUIZ 6▶
📋 CRPC 1973
दण्ड प्रक्रिया संहिता की कौन – सी धारा किसी प्राइवेट व्यक्ति को किसी ऐसे व्यक्ति जो संज्ञेय अपराध करता है , को गिरफ्तार करने का अधिकार देती है ?
( अ ) धारा 44
( ब ) धारा 42
( स ) धारा 43 ☑
( द ) धारा 45
▶ धारा 43 प्राइवेट व्यक्ति द्वारा गिरफ्तारी और ऐसी गिरफ्तारी पर प्रक्रिया -कोई भी प्राइवेट व्यक्ति किसी व्यक्ति को वारण्ट के बिना गिरफ्तार कर सकेगा – ( i ) जो उसकी उपस्थिति में संज्ञेय या अजमानतीय अपराध करे या ( ii ) जो अपराधी उद्घोषित हो तथा गिरफ्तारी के पश्चात् वह अविलम्ब ऐसे व्यक्ति को पुलिस थाने के भारसाधक अधिकारी के समक्ष पेश करेगा ।

LEGAL BUZZ QUIZ 7▶
📋 CRPC 1973
एक पुरुष व्यक्ति भी आवश्यक परिस्थितियों के कारण किसी भी स्त्री को दिन में गिरफ्तार कर सकता है । ” यह निम्न में से किस वाद में प्रतिपादित किया गया था ?
( अ ) महाराष्ट्र राज्य ब . क्रिश्चियन कम्यनिटी वेलफेयर कौंसिल , 2004 सु . को . में तथा राजकुमारी व . एस . एच . ओ . नोएडा , 2003 सु . को . में ☑
( ब ) जोगिन्दरसिंह ब . उ . प्र . 1994 सु . को . में                                                                                                                         ( स ) नीरज शर्मा ब . उ . प्र . 1993 सु . को . में                                                                                                                           ( द ) राजकुमारी ब . एस . एच . ओ . नोएडा , 2003 सु . को . में

LEGAL BUZZ QUIZ 8▶
📋 CRPC 1973
दं . प्र . सं . की धारा 313 के अन्तर्गत आरोपी का कथन
( अ ) शपथ पर अंकित किया जाता है
( ब ) बिना शपथ के अंकित किया जाता है ☑
( स ) न्यायालय के विवेक पर शपथ पर या बिना शपथ के
( द ) न्यायालय शपथ से मुक्ति दे सकता है
▶ धारा 313 (1) अभियुक्त की परीक्षा करने की शक्ति प्रत्येक जाँच या विचारण में इस प्रयोजन से कि अभियुक्त अपने विरुद्ध साक्ष्य में प्रकट होने वाली किन्हीं परिस्थितियों का स्वयं स्पष्टीकरण कर सके , न्यायालय – ( क ) किसी प्रक्रम में अभियुक्त को पहले से चेतावनी दिए बिना उससे ऐसे प्रश्न कर सकता है , जो न्यायालय आवश्यक समझे , ( ख ) अभियोजन के साक्षियों की परीक्षा किए जाने के पश्चात् और अभियुक्त से अपनी प्रतिरक्षा करने की अपेक्षा किए जाने के पूर्व उस मामले के बारे में उससे साधारणतया प्रश्न करेगा , परन्तु किसी समन मामले में जहाँ न्यायालय ने अभियुक्त को वैयक्तिक हाजिरी से अभिमुक्ति दे दी है , वहाँ वह खण्ड ( ख ) के अधीन उसकी परीक्षा से भी अभिमुक्ति दे सकता है । ( 2 ) जब अभियुक्त की उपधारा ( 1 ) क अधीन परीक्षा की जाती है , तब उसे कोई शपथ न दिलाई जाएगी । ( 3 ) अभियुक्त ऐसे प्रश्नों के उत्तर देने से इंकार करने या उसके मिथ्या उत्तर देने से दण्डनीय न हो जाएगा । ( 4 ) अभियुक्त द्वारा दिए गए उत्तरों पर उस जाँच या विचारण में विचार किया जा सकता है और किसी अन्य ऐसे अपराध की , जिसका उसके द्वारा किया जाना दर्शाने की उन उत्तरों की प्रवृत्ति हो , किसी अन्य जाँच या विचारण में ऐसे उत्तरों को उसके पक्ष में या उसके विरुद्ध साक्ष्य के तौर पर रखा जा सकता है । ( 5 ) उन सुसंगत प्रश्नों को जिन्हें अभियुक्त से किया जाना है , तैयार करने में न्यायालय अभियोजक तथा प्रतिरक्षा पक्ष के अधिवक्ता की मदद ले सकता है तथा न्यायालय इस धारा के पर्याप्त अनुपालन के रूप में अभियुक्त द्वारा लिखित कथन दाखिल करने की अनुमति दे सकता है ।

LEGAL BUZZ QUIZ 9▶
📋 CRPC 1973
न्यायालय यदि ठीक समझता है तो मजिस्ट्रेट की शिनाख्त रिपोर्ट से सम्बन्धित ऐसे मजिस्ट्रेट को समन और शिनाख्त रिपोर्ट की विषय – वस्तु के बारे में उसकी परीक्षा कर सकेगा –
( अ ) अभियुक्त के आवेदन पर
( ब ) अभियोजन पक्ष के आवेदन पर
( स ) उपरोक्त दोनों के आवेदन पर ☑
( द ) न्यायालय ऐसा कार्य केवल स्वविवेक के आधार पर कर सकता है
▶ धारा 291 मजिस्ट्रेट की शिनाख्त रिपोर्ट ( धारा 291क ) – ( 1 ) कोई दस्तावेज , जो किसी व्यक्ति या सम्पत्ति की बाबत् किसी कार्यपालक मजिस्ट्रेट की स्वहस्ताक्षरित शिनाख्त रिपोर्ट होनी तात्पर्यित है , इस संहिता के अधीन किसी जाँच , विचारण या अन्य कार्यवाही में साक्ष्य के तौर पर उपयोग में लायी जा सकेगी , यद्यपि ऐसे मजिस्ट्रेट को साक्षी के तौर पर नहीं बुलाया गया है , परन्तु जहाँ ऐसी रिपोर्ट में ऐसे किसी संदिग्ध व्यक्ति या साक्षी का विवरण है , जिसे भारतीय साक्ष्य अधिनियम , 1872 ( 1872 का 1 ) की धारा 21 , धारा 32 , धारा 33 , घारा 155 या धारा 157 के उपबन्य । लागू होते हैं , वहाँ ऐसा विवरण इस उपधारा के अधीन , उन धाराओं के उपबंधों के अनुसार के सिवाय , प्रयोग में नहीं लाया जाएगा
( 2 ) न्यायालय यदि वह ठीक समझता है और अभियोजन या अभियुक्त के आवेदन पर ऐसे मजिस्ट्रेट को समन कर सकेगा और उक्त रिपोर्ट की विषय वस्तु के बारे में उसकी परीक्षा कर सकेगा और करेगा ।

LEGAL BUZZ QUIZ 10▶
📋 CRPC 1973
जहाँ दो या अधिक न्यायालयों के मध्य क्षेत्राधिकार का प्रयोग विवादित हो तथा ऐसे न्यायालय विभिन्न उच्च न्यायालयों की अधीनस्थता के अन्तर्गत हों तो दण्ड प्रक्रिया संहिता की धारा 186 के अधीन विषय विनिश्चित किया जाएगा –
( अ ) उच्चतम न्यायालय द्वारा
( ब ) ऐसे उच्च न्यायालय द्वारा जिसमें अधिक न्यायाधीश हैं
( स ) ऐसे उच्च न्यायालय द्वारा जिसमें कम न्यायाधीश हैं
( द ) ऐसे उच्च न्यायालय द्वारा जिसके क्षेत्र में कार्यवाहियाँ प्रथम प्रारम्भ हुई ☑
▶ धारा 186 – संदेह की दशा में उच्च न्यायालय का वह जिला विनिश्चित करना जिसमें जाँच या विचारण होगा-जहाँ दो या अधिक न्यायालय एक ही अपराध का संज्ञान कर लेते हैं और यह प्रश्न उठता है कि उनमें से किसी अपराध की जाँच या विचारण करना चाहिए , वहाँ वह प्रश्न – ( क ) यदि वे न्यायालय एक ही उच्च न्यायालय के अधीनस्थ हैं तो उस उच्च न्यायालय द्वारा ( ख ) यदि वे न्यायालय एक ही उच्च न्यायालय के अधीनस्थ नहीं हैं तो उस उच्च न्यायालय द्वारा जिसकी अपील दांडिक अधिकारिता की स्थानीय सीमाओं के अन्दर कार्यवाही पहले प्रारंभ की गई है , विनिश्चित किया जाएगा और तब उस अपराध के संबंध में अन्य सब कार्यवाहियाँ बंद कर दी जाएंगी ।

LEGAL BUZZ QUIZ 11▶
📋 CRPC 1973
कोई व्यक्ति अभियोजन निदेशक या उप अभियोजन निदेशक के रूप में नियुक्ति के लिए केवल तभी पात्र होगा , यदि वह अधिवक्ता के रूप में निम्नांकित में से कितने वर्ष तक व्यवसाय में रहा है –
( अ ) कम से कम 5 वर्ष तक
( ब ) कम से कम 7 वर्ष तक
( स ) कम से कम 10 वर्ष तक ☑
( द ) कम से कम 14 वर्ष तक
▶ धारा 25 क (2) -कोई व्यक्ति अभियोजन निदेशक या उप – अभियोजन निदेशक के रूप में नियुक्ति के लिए केवल तभी पात्र होगा , यदि वह अधिवक्ता के रूप में कम से कम दस वर्ष तक व्यवसाय में रहा है और ऐसी नियुक्ति उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायमूर्ति की सहमति से की जाएगी ।

LEGAL BUZZ QUIZ 12▶
📋 CRPC 1973
व्यक्तिगत तामील का प्रावधान किया गया है
( अ ) धारा 62 में ☑
( ब ) धारा 63 में
( स ) धारा 64 में
( द ) धारा 61 में
▶ धारा 62 – समन की तामील कैसे की जाएगी-समन की तामील ( i ) पुलिस अधिकारी द्वारा या ( ii ) जारी करने वाले न्यायालय के अधिकारी द्वारा , या ( iii ) लोकसेवक द्वारा की जाएगी । समन की तामील यथासंभव अभियुक्त को निजी रूप से समन की एक प्रतिलिपि देकर की जाएगी तथा यदि तामील करने वाला अधिकारी यह अपेक्षा करे तो समन में नामित व्यक्ति समन की दूसरी प्रति के पृष्ठ भाग पर रसीद के रूप में हस्ताक्षर करेगा ।

LEGAL BUZZ QUIZ 13▶
📋 CRPC 1973
ऐसे स्थान , जिसमें चुराई हुई सम्पत्ति कूटरचित दस्तावेज आदि होने का संदेह है , की तलाशी के लिए तलाशी वारण्ट किसके द्वारा जारी किया जा सकता है ?
( अ ) जिला मजिस्ट्रेट
( ब ) उपखण्ड मजिस्ट्रेट
( स ) प्रथम वर्ग मजिस्ट्रेट
( द ) उपरोक्त सभी ☑
▶ धारा 94(1) – उस स्थान की तलाशी , जिसमें चुराई हुई सम्पत्ति , कूटरचित दस्तावेज आदि होने का संदेह है-तलाशी का वारण्ट केवल जिला मजिस्ट्रेट , उपखण्ड मजिस्ट्रेट या प्रथम वर्ग मजिस्ट्रेट द्वारा ही जारी किया जा सकता है |

LEGAL BUZZ QUIZ 14▶
📋 CRPC 1973
निम्नलिखित में से किस वाद में यह अभिनिर्धारित किया गया है ?
दण्ड पक्रिया संहिता की धारा 125 के अधीन भरण – पोषण हेतु अधिनिर्णीत धनराशि हिन्दू विवाह अधिनियम , 1955 की धारा 24 के अधीन वैवाहिक कार्यवाही में अधिनिर्णीत निर्वाह व्यय की राशि के विरुद्ध समायोजित हो सकती है और उस राशि से अतिरिक्त और अधिक राशि के रूप में नहीं दी जाएगी ।
( अ ) सत्या बनाम तेजासिंह
( ब ) यमुनाबाई बनाम अनन्त राव
( स ) सुदीप चौधरी बनाम राधा चौधरी ☑
( द ) रेवतीबाई वनाम जोगेश्वर

LEGAL BUZZ QUIZ 15▶
📋 CRPC 1973
अन्वेषण के दौरान दी गई संस्वीकृति या कथन को कौन अभिलिखित कर सकता है ?
( अ ) कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारी
( ब) न्यायिक मजिस्ट्रेट जो अधिकारिता रखता हो                                                                                                                         ( स) कार्यपालक मजिस्ट्रेट
( द ) कोई न्यायिक मजिस्ट्रेट ☑
▶ व्याख्या -कोई भी मजिस्ट्रेट ऐसे किसी भी मामले में संस्वीकृति ले सकता है , जो चाहे उसके क्षेत्राधिकार में हो या नहीं हो ।

LEGAL BUZZ QUIZ 16▶
📋 CRPC 1973
कोई प्राइवेट व्यक्ति बिना वारंट के गिरफ्तार कर सकता है
( अ ) किसी भी व्यक्ति को जो उसकी उपस्थिति में संज्ञेय और अजमानतीय अपराध करता है ।
( ब ) किसी उद्घोषित अपराधी को
( स ) दोनों ‘ अ ‘ और ‘ ब ‘ ☑
( द ) प्राइवेट व्यक्ति बिना वारंट किसी व्यक्ति को गिरफ्तार नहीं कर सकता
▶ धारा 43(1) कोई भी प्राइवेट व्यक्ति ऐसे किसी व्यक्ति को वारण्ट के बिना गिरफ्तार कर सकेगा – ( i ) जो उसकी उपस्थिति में संज्ञेय या अजमानतीय अपराध करे या ( ii ) जो अपराधी उद्घोषित हो तथा गिरफ्तारी के पश्चात् वह अविलम्ब ऐसे व्यक्ति को पुलिस थाने के भारसाधक अधिकारी के समक्ष पेश करेगा ।

LEGAL BUZZ QUIZ 17▶
📋 CRPC 1973
परिवाद किया जा सकता है
( अ ) मौखिक ।
( ब ) लिखित
( स ) दोनों प्रकार का ☑
( द ) केवल शपथ पर
▶ व्याख्या – परिवाद लिखित या मौखिक दोनों प्रकार से किया जा सकता है ।

LEGAL BUZZ QUIZ 18▶
📋 CRPC 1973
पुलिस द्वारा दण्ड प्रक्रिया संहिता , 1973 की धारा के अन्तर्गत कथन अभिलिखित किए जाते हैं |                                                           ( अ ) विचारण के दौरान
( ब ) अन्वेषण के पूर्व
( स ) अन्वेषण के दौरान ☑
( द ) जाँच के दौरान
▶ धारा 161
पुलिस द्वारा साक्षियों की परीक्षा –
( 1 ) कोई पुलिस अधिकारी , जो इस अध्याय के अधीन अन्वेषण कर रहा है या ऐसे अधिकारी को अपेक्षा पर कार्य करने वाला कोई पुलिस अधिकारी , जो ऐसी पंक्ति से निम्नतर पंक्ति का नहीं है , जिसे राज्य सरकार साधारण या विशेष आदेश द्वारा इस निमित्त विहित करे , मामले के तथ्यों और परिस्थितियों से परिचित समझे जाने वाले किसी व्यक्ति की मौखिक परीक्षा कर सकता है ।
( 2 ) ऐसा व्यक्ति उन प्रश्नों के सिवाय , जिनके उत्तरों की प्रवृत्ति उसे आपराधिक आरोप या शास्ति या समपहरण की आशंका में डालने की है , ऐसे मामले से संबंधित उन सब प्रश्नों का सही – सही उत्तर देने के लिए आबद्ध होगा , जो ऐसा अधिकारी उससे पूछता है ।
( 3 ) पुलिस अधिकारी इस धारा के अधीन परीक्षा के दौरान उसके समक्ष किए गए किसी भी कथन को लेखबद्ध कर सकता है और यदि वह ऐसा करता है तो वह प्रत्येक ऐसे व्यक्ति के कथन का पृथक् और सही अभिलेख बनाएगा , जिसका कथन वह अभिलिखित करता है , परन्तु यह कि इस उपधारा के अधीन दिए गए कथन को श्रव्य-
इलेक्ट्रानिक माध्यम द्वारा भी अभिलिखित किया जा सकेगा ,
परन्तु यह और कि किसी ऐसी स्त्री का कथन , जिसके विरुद्ध भारतीय दण्ड संहिता ( 1860 का 45 ) की धारा 354 , धारा 354क , धारा 354ख , धारा 354ग , धारा 354घ , धारा 376 , धारा 376क , धारा 376ख , धारा 376ग , धारा 376घ , धारा 376ङ या धारा 509 के अधीन किसी अपराध के किए जाने या किए जाने का प्रयत्न किए जाने का अभिकथन किया गया है , किसी महिला पुलिस अधिकारी या किसी महिला अधिकारी द्वारा अभिलिखित किया जाएगा ।

LEGAL BUZZ QUIZ 19▶
📋 CRPC 1973
दण्ड प्रक्रिया संहिता , 1973 में सम्पत्ति के कब्जे से संबंधित किसी विवाद को निर्णीत किया जाता है ?                                                    ( अ ) न्यायिक मजिस्ट्रेट के द्वारा
( ब ) उच्च न्यायालय के न्यायाधीश के द्वारा
( स ) सेशन न्यायाधीश के द्वारा
( द ) कार्यपालक मजिस्ट्रेट के द्वारा ☑
▶ धारा 145 -जहाँ भूमि या जल से संबद्ध विवादों से परिशांति भंग होना संभाव्य है वहाँ प्रक्रिया –
जब किसी कार्यपालक मजिस्ट्रेट को किसी पुलिस अधिकारी की रिपोर्ट से या अन्य किसी सूचना से यह समाधान हो जाए कि उसके स्थानीय क्षेत्राधिकार की सीमा के अन्तर्गत किसी भूमि या जल या उसकी सीमाओं के विषय में ऐसा विवाद उत्पन्न हो गया है , जिससे कि शांति भंग होने की संभावना है तो वह अपने ऐसे साधान के आधारों का उल्लेख करते हुए विवाद से संबंधित पक्षकारों को यह आदेश देगा कि वे नियम दिनांक एवं समय पर स्वयं या अपने अधिवक्ता द्वारा उपस्थित होकर उस विवादग्रस्त विषय – वस्तु पर वास्तविक कब्जे के तथ्य के संबंध में अपने – अपने दावों का लिखित कथन प्रस्तुत करें ।
(1) ऐसा विवाद ( भूमि या जल जिसमें भवन , बाजार , मीनक्षेत्र , फसलें , भूमि की अन्य उपज , भाटक और लाभ शामिल हैं , या ( 2 ) उसके उपयोगकर्ता से संबंधित हो सकता है ।
यदि मजिस्ट्रेट को ऐसी कार्यवाही के दौरान यह प्रतीत होता है कि पुलिस अधिकारी द्वारा रिपोर्ट किए जाने की तिथि से या अन्य किसी प्रकार से सूचना मिलने की तिथि से दो माह के अन्दर किसी पक्षकार को बलपूर्वक या अन्य दोषपूर्ण तरीकों से कब्जे से वंचित कर दिया गया है तो ऐसे वंचित किए गए पक्षकार के संबंध में यह मान सकेगा कि वह इस धारा के अन्तर्गत जारी किए गए आदेश की तिथि पर कब्जा रखता था ।

LEGAL BUZZ QUIZ 20▶
📋 CRPC 1973
निम्नलिखित में से कौन – सी प्रक्रिया ‘ न्यायिक प्रक्रिया ‘ है ?
( अ ) अन्वेषण
( ब ) जाँच एवं अन्वेषण
( स ) जाँच एवं विचारण ☑
( द ) विचारण एवं अन्वेषण
▶ धारा 2 (झ) न्यायिक कार्यवाही ( Judicial Proceeding )-न्यायिक कार्यवाही से तात्पर्य ऐसी कार्यवाही से है , जिसके अनुक्रम में शपथ पर वैध रूप से साक्ष्य लिया जाता है या लिया जा सकता है । इस प्रकार न्यायिक कार्यवाही एक विस्तृत शब्द है , जिसमें जाँच तथा विचारण दोनों सम्मिलित है ।

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💡 TOI Vocab Of The Day


1. ASSERTIVE (ADJECTIVE): (मुखर): confident

Synonyms: forceful, self-confident

Antonyms: retiring

Example Sentence:

The job may call for assertive behavior.

2. SLOPPY (ADJECTIVE): (लापरवाह): careless

Synonyms: slapdash, slipshod

Antonyms: careful

Example Sentence:

We gave away a goal through sloppy defending.

3. THRIVE (VERB): (फलना-फूलना): flourish

Synonyms: prosper burgeon

Antonyms: increase

Example Sentence:

Education groups tend to thrive on organization.

4. CONVENTIONAL (ADJECTIVE): (मानक): normal

Synonyms: standard, regular

Antonyms: original

Example Sentence:

A conventional morality had dictated behavior.

5. SABOTAGE (VERB): (नुक़सान पहुंचाना): wreck

Synonyms: vandalize, destroy

Antonyms: strengthen

Example Sentence:

Power lines from South Africa were sabotaged by rebel forces.

6. DISPENSE (VERB):(मुक्त होना): waive

Synonyms: omit, drop

Antonyms: include

Example Sentence:

Let’s dispense with the formalities, shall we?”

7. CRITICAL (ADJECTIVE): (महत्वपूर्ण): crucial

Synonyms: vital, essential

Antonyms: unimportant

Example Sentence:

Temperature is a critical factor in successful fruit storage.

8. SPUR (VERB): (प्रोत्साहित करना): stimulate

Synonyms: encourage, prompt

Antonyms: discourage

Example Sentence:

Her sons’ passion for computer games spurred her to set up a software business.

9. COMPLACENCY (NOUN):(शालीनता): smugness

Synonyms: self-satisfaction, self-approval

Antonyms: dissatisfaction

Example Sentence:

The figures are better, but there are no grounds for complacency.

10. DESCEND (VERB): (उतरना): drop

Synonyms: go down, come down

Antonyms: ascend

Example Sentence:

The aircraft began to descend.

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Which sentence is written in pas- sive voice ?

🌀 DAILY SIXER (Minor Acts)

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