16 May
2019

भारतीय साक्ष्य अधिनियम 1872 के महत्वपुर्ण प्रश्नों का लिगल बज्ज मॉक टेस्ट 25

LEGAL BUZZ QUIZ 1▶
📋 EVIDENCE ACT 1872
भारतीय साक्ष्य अधिनियम की कौनसी धारा यह उपबंध करती है कि साक्ष्य के अनुचित ग्रहण या अग्रहण के आधार पर कोई नवीन विचारण नहीं होगा-
A. धारा 166
B. धारा 165
C. धारा 167 ☑
D. धारा 161
👉 धारा 167 साक्ष्य के अनुचित ग्रहण या अग्रहण के लिए नवीन विचारण नहीं होगा –
साक्ष्य का अनुचित ग्रहण या अग्रहण स्वयंमेव किसी भी मामले में नवीन विचारण के लिए या किसी विनिश्चय के उलटे जाने के लिए आधार नहीं होगा ,
👉 यदि उस न्यायालय को जिसके समक्ष ऐसा आक्षेप उठाया गया है , यह प्रतीत हो कि आक्षिप्त और गृहीत उस साक्ष्य के बिना भी विनिश्चय के न्यायोचित ठहराने के लिए यथेष्ट साक्ष्य था
अथवा यह कि यदि अगृहीत साक्ष्य लिया भी गया होता , तो उससे विनिश्चय में फेरफार न होना चाहिए था ।

LEGAL BUZZ QUIZ 2▶
📋 EVIDENCE ACT 1872
मृत्युकालिक कथन साक्ष्य के रूप में अग्राह्य होता है। यदि वह –
A. अपूर्ण है।☑
B. मौखिक है।
C. पुलिस अधिकारी द्वारा अभिलिखित है।
D. संकेतों द्वारा अभिव्यक्त है।

LEGAL BUZZ QUIZ 3▶
📋 EVIDENCE ACT 1872
‘ अनुश्रुत साक्ष्य ‘ ग्राह नहीं है ,भारतीय साक्ष्य अधिनियम की निम्नलिखित धाराओं में से कौनसी धारा उपर्युक्त नियम का अपवाद है ?
A. धारा 32☑
B. धारा 27
C. धारा 14
D. धारा 23
👉 अनुश्रुत साक्ष्य ग्राह्य नहीं है , परन्तु इसके कुछ अपवाद भी हैं उदाहरणार्थ –
( i ) धारा 32 ,
( ii ) धारा 6 ,
( iii ) धारा 60 के में वर्णित तथ्य

LEGAL BUZZ QUIZ 4▶
📋 EVIDENCE ACT 1872
विवाह के दौरान पति – पत्नी के बीच का पत्र व्यवहार विशेषाधिकार युक्त नहीं है , जबकि –
A. दावा दम्पत्ति के बीच हो । ☑
B. जिस व्यक्ति का कथन है वह मना करता है ।
C. जिस व्यक्ति का कथन है वह अनुमति देने से मना करता है ।
D. उनमें से किसी एक को दण्डित किया गया है ।
👉 धारा 122 -वैवाहिक काल की संसूचना –
विवाह से एक विश्वास पैदा होता है तथा दिल व दिमाग को आज़ादी मिलती है इसलिए वैवाहिक काल के दौरान आपस में पति – पत्नी द्वारा जो बातें हुई हैं उन बातों का साक्ष्य देने के लिए किसी पति या पत्नी को विशेषाधिकार प्राप्त है । अर्थात वे उनका उत्तर देने के लिए बाध्य नहीं किये जा सकते 👉 यह धारा लोकनीति पर आधारित है । स्टीलवेन के मामले में ऐसा कहा गया था ।
👉अपवाद –
( 1 ) – जहां पति और पत्नी के बीच कोई दीवानी मुकदमा है , वहां वैवाहिक काल की संसूचना का साक्ष्य दिया जाता
( 2 ) – जहां पत्नी ने पति के विरुद्ध अथवा पति ने पत्नी के विरुद्ध कोई अपराध किया हो वहां एक – दूसरे के बीच की संसूचनाओं को प्रकट करने की अनुमति दी जाएगी ( 3 ) – संसूचना के अतिरिक्त अन्य कार्य – कोई पत्नी यह साक्ष्य दे सकती है कि विशेष अवसर पर उसके पति ने कौन सा कार्य किया था ।
👉 राम भरोसे बनाम उत्तर प्रदेश राज्य के मामले में अभियुक्त पर यह आरोप लगाया गया था कि उसने पड़ोसी की हत्या कि थी और उसके गहने चुराए । पत्नी ने यह बताया कि प्रातःकाल उसका पति उठा और छत पर गया । उसके बाद पड़ोसी के घर गया फिर वहां से खून से लथफथ लौटा और भूसे की कोठरी में गया । और वहीं नहाया – धोया और फिर गहने लेकर मेरे पास आया । न्यायालय ने कहा कि पत्नी , पति के आचरण के बारे में साक्ष्य दे सकती है । 👉विवाह के दौरान – इस धारा का सिद्धांत केवल उन मामलों में लागू होता है जहां ऐसी सूचनाएं केवल विवाह के दौरान दी गयी हों । ऐसी सूचनाएं जो विवाह के पहले की हों , उनका साक्ष्य । देने के लिए विवश किया जा सकता है ।

LEGAL BUZZ QUIZ 5▶
📋 EVIDENCE ACT 1872
पक्षद्रोही साक्षी का अर्थ है |
A. प्रतिकूल साक्षी
B. प्रभावित साक्षी ।
C. साक्षी जो सत्य बोलने का इच्छुक है ।
D. साक्षी जो सत्य बोलने का इच्छुक नहीं है । ☑
👉 धारा 154 -पक्षद्रोही साक्षी –
पक्षद्रोही साक्षी वह साक्षी है जो सच नही बताना चाहता अथवा दूसरे पक्ष के समर्थन में अपनी बात कहता है ।
👉 पक्षद्रोही साक्षी शब्द का प्रयोग अंग्रेजी विधि में किया गया है
👉 पक्षद्रोही का अर्थ – वह साक्षी है जो अपने पूर्ववर्ती कथन से हट रहा है अथवा न्यायालय को सच बताने का इच्छुक नही है ।
👉 अंग्रेजी विधि के अंतर्गत – ऐसे साक्षी को पक्षद्रोही , विद्रोही , अनिच्छुक आदि के रूप में समझा जाता है ।
पक्षद्रोही शब्द के कारण असमंजस की स्थिति थी , इसलिए इस शब्द का प्रयोग धारा 154 के साथ नही किया गया है ।
👉 उत्तर प्रदेश राज्य बनाम जग्गू के मामले में यह कहा गया कि जो साक्षी सत्य नही बताना चाहता है उससे सूचक प्रश्न पूछा जा सकता है और उसके पूर्व कथनों के बारे में प्रतिपरीक्षा की जा सकती है । ऐसे साक्षी की विश्वसनीयता को अधिक्षिप्त किया जा सकता है ।

LEGAL BUZZ QUIZ 6 ▶
📋 EVIDENCE ACT 1872
पेश करने की सूचना के बारे में नियम बताये गये हैं।
A. धारा 63 में
B. धारा 65 क में
C. धारा 65 में
D. धारा 66 में ☑
👉 धारा 66 – पेश करने की सूचना के बारे में नियम –
द्वितीयक साक्ष्य तभी ग्राह्य होते है जब जिसके कब्जे में दस्तावेज है , उसे इस बात की सूचना दे दी गयी हो और इसके बाद भी वह मूल दस्तावेज पेश नहीं करता है ।
👉 दूसरे पक्ष को जब नोटिस दी जाती है जो या तो लिखित हो लेकिन कुछ परिस्थितियों में नोटिस दिया जाना अनिवार्य नही होता है |
👉 इस प्रकार धारा 61 – 66 के अंतर्गत प्राथमिक और द्वितीयक साक्ष्य के बारे में बताया गया है जो विधि के इस सिद्धांत पर ग्राह्य होते है कि पहले तो सबसे अच्छा साक्ष्य पेश किया जाये और जब सबसे अच्छा न मिले तो उससे कम अच्छा ग्राह्य कर सकते है ।

LEGAL BUZZ QUIZ 7 ▶
📋 EVIDENCE ACT 1872
उस व्यक्ति की मृत्यु को साबित करने का भार जिसका तीस वर्ष के अन्दर जीवित होना ज्ञात है-
A. उस व्यक्ति पर होगा जो विपक्षी है।
B. नगरपालिका पर जाएगा।
C. उस पर होगा जो उसे प्रतिज्ञात करता है।☑
D. कोई सही नहीं
👉 धारा 107 -जीवन की उपधारणा –
जब यह तथ्य दर्शित किया गया हो कि कोई व्यक्ति 30 वर्षों के भीतर जीवित था तो यह उपधारणा होगी कि वह जीवित है ।
👉 यह साबित करने का भार कि वह व्यक्ति मर गया है , उस पर होगा जो कहता है कि वह मर गया है ।
👉 इस प्रकार धारा 107 जीवन की उपधारणा करती है और जब तक इसका खण्डन नही हो जाता है तब तक यह उपधारणा बनी रहेगी ।

LEGAL BUZZ QUIZ 8 ▶
📋 EVIDENCE ACT 1872
साबित नहीं हुआ है-
A. साबित
B. नासाबित
C. न साबित न नासाबित☑
D. कोई नहीं

LEGAL BUZZ QUIZ 9 ▶
📋 EVIDENCE ACT 1872
भारतीय साक्ष्य अधिनियम की निम्न में से किस धारा के अन्तर्गत द्वितीय वाद या विचारण के वर्णन हेतु पूर्व निर्णय सुसंगत है?
A. धारा 39
B. धारा 40☑
C. धारा 11
D. धारा 42
धारा-40 द्वितीय वाद या विचारण के ‘ वारणार्थ पूर्व निर्णय सुसंगत हैं –
किसी ऐसे निर्णय आदेश अस्तित्व , जो किसी न्यायालय को किसी वाद के संज्ञान से या कोई विचारण करने से विधि द्वारा निवारित करता सुसंगत तथ्य है जबकि प्रश्न यह हो कि क्या ऐसे न्यायालय को ऐसे वाद का संज्ञान या ऐसा विचारण करना चाहिए ।

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