CLICK HERE TO START JUDICIARY EXAM PREPARATION

🔘 संविधान के महत्वपूर्ण अनुच्छेद

विभिन्न राज्य की न्यायिक परीक्षाओं में इन अनुच्छेदो से बार-बार प्रश्न पूछे गए


अनुच्छेद 2 – नए राज्यों का प्रवेश या स्थापना।
अनुच्छेद 3 – नए राज्यों का गठन और मौजूदा राज्यों के क्षेत्रों, सीमाओं या नामों में परिवर्तन।

अनुच्छेद 5 – संविधान के प्रारंभ में नागरिकता।
अनुच्छेद 10 – नागरिकता के अधिकारों की निरंतरता।
अनुच्छेद 11 – संसद कानून द्वारा नागरिकता के अधिकार को विनियमित कर सकती है
अनुच्छेद 12 – परिभाषा।  (मौलिक अधिकार)
अनुच्छेद 13 – मौलिक अधिकारों से असंगत या उनका अल्पीकरण करने वाले कानून।
अनुच्छेद 14 – कानून के समक्ष समानता।
अनुच्छेद 15 – धर्म, मूलवंश, जाति, लिंग या जन्म स्थान के आधार पर भेदभाव का निषेध।
अनुच्छेद 16 – सार्वजनिक रोजगार के मामलों में अवसर की समानता।
अनुच्छेद 19 – भाषण की स्वतंत्रता आदि के संबंध में कुछ अधिकारों का संरक्षण।
अनुच्छेद 20 – अपराधों के लिए दोषसिद्धि के संबंध में संरक्षण।
अनुच्छेद 21 – जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता की सुरक्षा।
अनुच्छेद 23 – मानव के दुर्व्यापार और बलात् श्रम का प्रतिषेध।
अनुच्छेद 24 – कारखानों आदि में बच्चों के नियोजन का प्रतिषेध।
अनुच्छेद 25 से 28 – धर्म की स्वतंत्रता का अधिकार।
अनुच्छेद 32 – इस भाग ( भाग 3 ) द्वारा प्रदत्त अधिकारों के प्रवर्तन के उपाय।

अनुच्छेद 36 से 51 – राज्य के नीति निर्देशक सिद्धांत।

अनुच्छेद 51A – मौलिक कर्तव्य।

अनुच्छेद 52 – भारत के राष्ट्रपति।
अनुच्छेद 58 – राष्ट्रपति के रूप में चुनाव के लिए योग्यता।
अनुच्छेद 61 – राष्ट्रपति पर महाभियोग चलाने की प्रक्रिया।
अनुच्छेद 73 – संघ की कार्यपालिका शक्ति की सीमा।
अनुच्छेद 74 – राष्ट्रपति को सहायता और सलाह देने के लिए मंत्रिपरिषद।
अनुच्छेद 76 – भारत के महान्यायवादी।
अनुच्छेद 85 – संसद के सत्र, सत्रावसान और विघटन।
अनुच्छेद 101 – स्थानों का रिक्त होना
अनुच्छेद 102 – सदस्यता के लिए अयोग्यताएं।
अनुच्छेद 105 – संसद के सदनों और उसके सदस्यों और समितियों की शक्तियाँ, विशेषाधिकार आदि।
अनुच्छेद 110 – ‘धन विधेयक’ की परिभाषा।
अनुच्छेद 117 – वित्तीय विधेयकों के संबंध में विशेष प्रावधान।
अनुच्छेद 123 – संसद के अवकाश के दौरान अध्यादेश जारी करने की राष्ट्रपति की शक्ति।

अनुच्छेद 124 – सर्वोच्च न्यायालय की स्थापना और गठन।
अनुच्छेद 129 – उच्चतम न्यायालय का अभिलेख न्यायालय होना।
अनुच्छेद 130 – सर्वोच्च न्यायालय का स्थान।
अनुच्छेद 131 – सर्वोच्च न्यायालय का मूल अधिकार क्षेत्र।
अनुच्छेद 132 – कुछ मामलों में उच्च न्यायालयों की अपीलों में सर्वोच्च न्यायालय का अपीलीय क्षेत्राधिकार।
अनुच्छेद 133 – दीवानी मामलों के संबंध में उच्च न्यायालयों की अपीलों में सर्वोच्च न्यायालय का अपीलीय क्षेत्राधिकार।
अनुच्छेद 134 – आपराधिक मामलों के संबंध में सर्वोच्च न्यायालय के अपीलीय क्षेत्राधिकार।
अनुच्छेद 134A – उच्चतम न्यायालय में अपील के लिए प्रमाणपत्र।
अनुच्छेद 135 – मौजूदा कानून के तहत संघीय न्यायालय के अधिकार क्षेत्र और शक्तियों का सर्वोच्च न्यायालय द्वारा प्रयोग किया जा सकता है।
अनुच्छेद 136 – उच्चतम न्यायालय द्वारा अपील की विशेष अनुमति।
अनुच्छेद 137 – उच्चतम न्यायालय gद्वारा निर्णयों या आदेशों का पुनर्विलोकन।
अनुच्छेद 138 – सर्वोच्च न्यायालय के क्षेत्राधिकार का विस्तार।
अनुच्छेद 139 – कुछ रिट जारी करने के लिए सर्वोच्च न्यायालय को शक्तियों का प्रदान करना।
अनुच्छेद 139A – कुछ मामलों का स्थानांतरण।
अनुच्छेद 140 – सर्वोच्च न्यायालय की अनुषंगी शक्तियाँ।
अनुच्छेद 141 – उच्चतम न्यायालय द्वारा घोषित कानून सभी न्यायालयों पर बाध्यकारी है।
अनुच्छेद 142 – उच्चतम न्यायालय के आदेशों और आदेशों का प्रवर्तन और प्रकटीकरण आदि के संबंध में आदेश।
अनुच्छेद 143 – सर्वोच्च न्यायालय से परामर्श करने की राष्ट्रपति की शक्ति।

अनुच्छेद 148 – भारत के नियंत्रक और महालेखापरीक्षक।

अनुच्छेद 213 – विधानमंडल के अवकाश के दौरान अध्यादेश जारी करने की राज्यपाल की शक्ति।

अनुच्छेद 215 – उच्च न्यायालयों का अभिलेख न्यायालय होना।
अनुच्छेद 226 – कुछ रिट जारी करने की उच्च न्यायालयों की शक्ति।
अनुच्छेद 227 – उच्च न्यायालय द्वारा सभी न्यायालयों के अधीक्षण की शक्ति।

अनुच्छेद 245-255 – संघ और राज्यों के बीच विधायी संबंध।
अनुच्छेद 280 – वित्त आयोग।
अनुच्छेद 299 – अनुबंध। ( संविदाए )
अनुच्छेद 300 – वाद और कार्यवाही।
अनुच्छेद 309 से 312
अनुच्छेद 320 – लोक सेवा आयोगों के कार्य।
अनुच्छेद 323A – प्रशासनिक न्यायाधिकरण।
अनुच्छेद 326 – लोक सभा और राज्यों की विधान सभाओं के लिए चुनाव वयस्क मताधिकार के आधार पर होना।
अनुच्छेद 352 से 360 – आपातकालीन प्रावधान।
अनुच्छेद 368 – संविधान और उसके लिए प्रक्रिया में संशोधन करने की संसद की शक्ति।

🔘 सीआरपीसी की महत्वपूर्ण धाराएं

विभिन्न राज्य की न्यायिक परीक्षाओं में इन धाराओं से बार-बार प्रश्न पूछे गए

धारा 2 – परिभाषाएँ।

2 ( a ) जमानती अपराध
2 ( b ) आरोप
2 ( c ) संज्ञेय अपराध
2 ( d ) परिवाद
2 ( g ) जांच
2 ( h ) अन्वेषण

2 ( i ) न्यायिक कार्यवाही
2 ( n ) अपराध
2 ( r ) पुलिस रिपोर्ट
2 ( s ) पुलिस थाना
2 ( u ) लोक अभियोजक
2 ( w ) समन मामला
2 ( WA ) पीड़ित
2 ( x ) वारण्ट मामला

धारा 6 – दंड न्यायालयों के वर्ग ।
धारा 9 – सत्र न्यायालय।
धारा 10 – सहायक सत्र न्यायाधीशों की अधीनता।
धारा 11 – न्यायिक मजिस्ट्रेटों के न्यायालय।
धारा 12 – मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट और अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट आदि
धारा 13 – विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट।
धारा 30 – जुर्माना न देने पर कारावास की सजा ।
धारा 31 – एक विचारण में अनेक अपराधों के दोषसिद्धि के मामलों में दण्ड।



धारा 41 से धारा 54  व्यक्तियों की गिरफ्तारी ।
धारा 56 – गिरफ्तार व्यक्ति को मजिस्ट्रेट या थाने के प्रभारी अधिकारी के समक्ष ले जाना।
धारा 57 – गिरफ्तार व्यक्ति को चौबीस घंटे से अधिक हिरासत में नहीं रखा जाएगा।
धारा 59 – गिरफ्तार किए गए व्यक्ति का उन्मोचन।
धारा 61 से धारा 69  सम्मन ।
धारा 70 से धारा 81 तक – गिरफ्तारी का वारंट ।
धारा 82 – फरार व्यक्ति के लिए उद्घोषणा।
धारा 83 – फरार व्यक्ति की संपत्ति की कुर्की।
धारा 84 – कुर्की के दावे और आपत्तियां।
धारा 85 – कुर्क की गई संपत्ति की निरमुक्ती , बिक्री और बहाली।
धारा 86 – कुर्क की गई संपत्ति की बहाली के लिए आवेदन खारिज करने के आदेश से अपील ।
धारा 87 – सम्मन के एवज में या इसके अतिरिक्त वारंट जारी करना।
धारा 88 – हाजिरी के लिए बंधपत्र लेने की शक्ति।
धारा 93 – जब तलाशी-वारंट जारी किया जा सकता है।
धारा 97 – गलत तरीके से बंद किए गए व्यक्तियों की तलाशी लेना।
धारा 102 – कुछ संपत्ति को जब्त करने के लिए पुलिस अधिकारी की शक्ति।



धारा 106 – दोषसिद्धि पर शांति बनाए रखने के लिए सुरक्षा।
धारा 107 – अन्य मामलों में शांति बनाए रखने के लिए सुरक्षा।
धारा 108 – देशद्रोह की बातें फैलाने वाले व्यक्तियों से अच्छे व्यवहार के लिए सुरक्षा।
धारा 109 – संदिग्ध व्यक्तियों से अच्छे व्यवहार के लिए सुरक्षा।
धारा 110 – आदतन अपराधियों से अच्छे व्यवहार के लिए सुरक्षा।



धारा 125 से धारा 128 तक – अध्याय IX, पत्नी, बच्चों और माता-पिता के भरण-पोषण के लिए आदेश ।
धारा 129 – सिविल बल के प्रयोग द्वारा सभा का तितर-बितर करना।
धारा 130 – सभा को तितर-बितर करने के लिए सशस्त्र बलों का प्रयोग।
धारा 132 – पूर्ववर्ती धाराओं के तहत किए गए कृत्यों के लिए अभियोजन के खिलाफ संरक्षण।
धारा 133 – उपद्रव को दूर करने के लिए सशर्त आदेश ।
धारा 144 – उपद्रव या आशंकित खतरे के अत्यावश्यक मामलों में आदेश जारी करने की शक्ति।


धारा 154 से धारा 176 – अध्याय 12, पुलिस को सूचना और जाँच करने की उनकी शक्तियाँ ।
धारा 177 से धारा 189 – अध्याय 13, जांच और विचारण में आपराधिक न्यायालयों का क्षेत्राधिकार ।
धारा 190 – मजिस्ट्रेट द्वारा अपराधों का संज्ञान।
धारा 195 – लोक सेवकों के वैध प्राधिकार के अवमानना, लोक न्याय के विरुद्ध अपराधों और साक्ष्य में दिए गए दस्तावेजों से संबंधित अपराधों के लिए अभियोजन।
धारा 196 – राज्य के विरुद्ध अपराधों के लिए और ऐसा अपराध करने के लिए आपराधिक साजिश के लिए अभियोजन।
धारा 198 – विवाह के विरुद्ध अपराधों के लिए अभियोजन।
धारा 199 – मानहानि के लिए अभियोजन।



धारा 200 से धारा 203 – अध्याय 15 मजिस्ट्रेट को परिवाद  ।
धारा 204 – आदेशिका का जारी किया जाना ।
धारा 211 से धारा 224 – अध्याय XVII, आरोप  ।
धारा 225 से धारा 237 – अध्याय XVIII, सत्र न्यायालय के समक्ष विचारण ।
धारा 238 से धारा 250 – अध्याय XIX, मजिस्ट्रेटों द्वारा वारंट मामलों का विचारण ।
धारा 251 से धारा 259 – अध्याय XX, मजिस्ट्रेटों द्वारा समन मामलों की विचारण ।
धारा 260 – संक्षेप में विचारण करने की शक्ति।
धारा 261 – द्वितीय श्रेणी के मजिस्ट्रेट द्वारा संक्षिप्त विचारण ।
धारा 262 – संक्षिप्त विचारण के लिए प्रक्रिया।
धारा 265ए से धारा 265एल – अध्याय XXIA, प्ली बार्गेनिंग ।



धारा 300 – एक बार दोषसिद्ध या बरी किए गए व्यक्ति का उसी अपराध के लिए विचारण न किया जाना।
धारा 304 – कुछ मामलों में राज्य के खर्चे पर अभियुक्त को कानूनी सहायता ।
धारा 307 – क्षमादान को निर्देशित करने की शक्ति।
धारा 311 – आवश्यक गवाह को समन करने या उपस्थित व्यक्ति की परीक्षा करने की शक्ति।
धारा 313 – अभियुक्त की परीक्षा करने की शक्ति।
धारा 315 – अभियुक्त व्यक्ति का सक्षम गवाह होना।
धारा 320 – अपराधों का समन।
धारा 366 – मौत की सजा की पुष्टि के लिए सत्र न्यायालय द्वारा प्रस्तुत किया जाना।
धारा 368 – सजा की पुष्टि करने या दोषसिद्धि को रद्द करने की उच्च न्यायालय की शक्ति ।
धारा 395 – उच्च न्यायालय को निर्देश ।


धारा 401 – उच्च न्यायालय की पुनरीक्षण की शक्तियाँ।
धारा 436 – किन मामलों में जमानत ली जाए।
धारा 436ए – अधिकतम अवधि जिसके लिए एक विचाराधीन कैदी को हिरासत में लिया जा सकता है।
धारा 437 – गैर जमानती अपराध के मामले में जमानत कब ली जा सकती है।
धारा 437ए – जमानत के लिए अभियुक्त को अगली अपीलीय अदालत के समक्ष पेश होने की आवश्यकता है।
धारा 438 – गिरफ्तारी की आशंका करने वाले व्यक्ति को जमानत देने का निर्देश।
धारा 439 – जमानत के संबंध में उच्च न्यायालय या सत्र न्यायालय की विशेष शक्तियां।
धारा 460 – वे अनियमितताएं जो कार्यवाही को दूषित नहीं करती हैं।
धारा 461 – अनियमितताएं जो कार्यवाही को दूषित करती हैं।
धारा 468 – परिसीमा की अवधि समाप्त होने के बाद संज्ञान लेने पर रोक।
धारा 482 – उच्च न्यायालय की अंतर्निहित शक्तियो की व्यावृत्तिया ।

⏳ पिछले लीगल बज्ज ऑनलाइन मॉक टेस्ट

IMG-20221001-WA0008
IMG-20220929-WA0004
IMG-20220928-WA0009
IMG-20221002-WA0003
IMG-20221002-WA0004
IMG-20221001-WA0009
IMG-20220928-WA0007
IMG-20220831-WA0015
IMG-20220929-WA0005

TAGS

#IPC1860 #CRPC1973 #CPC1908 #EVIDENCEACT1872 #CONSTITUTION #TRANSFEROFPROPERTYACT1882 #CONTRACTACT1872 #LIMITATIONACT1963 #SPECIFICRELIFACT #JUDICIARY #LAWEXAM #ONLINEMOCKTEST #JUDGE #LEGALBUZZNOW #ADVOCATELAW #JUSTICE #LEGALPROFESSION #COURTS #JUDICIAL #LAWYERS #LEGAL #LAWYER #LAWFIRM #SUPREMECOURT #COURT #LAWSTUDENTS #INDIANLAW #SUPREMECOURTOFINDIA #UGCNET #GK #ONLINELAWCOUCHING #LAWSTUDENTS #SPECIALOFFER #CRIMINALLAW #HUMANRIGHTS #CRPC #INTELLECTUALPROPERTY #CONSTITUTIONOFLNDIA #FAMILYLAW #LAWOFCONTRACT #PUBLICINTERESTLAWYERING #TRANSFEROFPROPERTY #LAWOFTORTS #LAWOFCRIME #COMPANYLAW #LEGALSCHOOL #ELEARNING #LAW #ONLINEEDUCATION #DIGITALLAWSCHOOL #LAWSCHOOL #LEGAL #ONLINELEGALPLATFORM #INDIALAW #DIGITALLNDIA FOR RJS MPCJ UPPCSJ CHATTISGARAH UTRAKHAND JHARKHAND BIHAR JUDICIARY EXAMS RJS MPCJ UPCJ LAW COACHING JAIPUR JUDICIARY EXAM LAW QUIZ free online mock test for civil judge pcs j online test in hindi delhi judicial services mock test up pcs j online test

Website Total Views

  • 1,287,244
📢 EXAM ALERT